निदेशकों का ब्यौरा
निदेशक मानव सेवा दल के मुख्य अधिकारी होते हैं और दल के सभी कार्य उनके निर्देशन और देखरेख मे किए जाते हैं । सन 1986 मे मानव सेवा दल के गठन से लेकर अबतक, समय-समय पर इस पद की जिम्मेदारी को संभालते हुए सभी निदेशकों ने अपनी कर्मठता एवं दूरदृष्टी से मानव सेवा दल को नई ऊंचाइयों पर प्रस्थापित किया है । हमारे सभी निदेशकों के कार्यकाल का विवरण इस प्रकार है।
श्री ओमप्रकाश यादव
निदेशक - मानव सेवा दलकार्यकाल 02.11.2023 से वर्तमान
श्री वेद प्रकाश शर्मा
कार्यकाल 10.04.2021 से 31.10.2023 तकआपके कार्यकाल में सेवादल के सदस्यों का डाटा डिजिटल करने का प्रयास शुरू हुआ । आपने कोरोना काल के दौरान पदभार सम्हाला और समय के अनुरूप ऑनलाइन मीटिंग लेकर संगठन को क्रियाशील एवं मजबूत बनाए रखा । आप के द्वारा मानव सेवा दल की महत्वपूर्ण सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के लिए व्हाट्सएप का प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया गया। सेवा दल संगठन को मजबूत एवं प्रशिक्षित करने के लिए आपका अनुशासन, वर्दी तथा आधुनिक सुरक्षा उपकरण के इस्तेमाल और उनके प्रशिक्षण पर भरपूर जोर रहा।
श्री गोपाल सिंह जी रावत
कार्यकाल 01.01.2014 से 31.03.2021 तकआप ने गुरु दरबार एवं गुरु महाराज जी के प्रति बहुत पूर्ण निष्ठावान सेवक का परिचय दिया । मानव सेवा दल की नियमावली के नियमों व विनियमों में विस्तृत संशोधन कर नियमावली का द्वितीय संस्करण प्रकाशित कराया । मानव सेवा दल समाचार पत्रिका प्रकाशन के पुराने सॉफ्टवेयर को हटाकर नया सॉफ्टवेयर बनाने का कार्य किया गया । मानव सेवा दल की गुणवत्ता एवं उच्च सेवा प्रदान करने हेतु केंद्रीय प्रबंधकारिणी के पदों में सृजन करने का कार्य किया । इतना ही नहीं संगठन को और संगठित करने हेतु समस्त प्रांतों में पर्यवेक्षक नियुक्त किए, नवीनीकरण के कार्य प्रणाली को उच्च स्तरीय बनाया गया ।
सभी कार्यों को गति प्रदान करने हेतु दक्षिणी दिल्ली पुष्प विहार मदन गिरी में भी मानव सेवा दल का कार्यालय स्थापित किया । कोरोना काल में बिना किसी रूकावट के नवीनीकरण शुल्क एवं समाचार पत्रिका शुल्क और पत्राचार ऑनलाइन संपन्न कराया । नेपाल व भूटान दोनों देशों में गठित मानव सेवा दल का संचालन अपने भारत से ही संचालन करने हेतु आवश्यक कदम उठाएं । मानव सेवा दल के आर्थिक अनुदान में भी बढ़ोतरी हुई और आपके द्वारा देश-विदेश में सभी प्रेमी एवं सेवा दल से परस्पर संपर्क स्थापित बनाए रखा, जिससे सभी में बराबर सक्रियता बनी रही और कोरोना काल में भी सभी क्षेत्रों में गरीब एवं बेरोजगार लोगों को विभिन्न प्रकार से विभिन्न क्षेत्रों में सहायता संबंधित सेवा कार्य किए गए ।
श्री इंद्र सिंह
कार्यकाल 13.11.2013 से 31.12.2013 तकआपके कार्यकाल में आपने अथक परिश्रम से मानव सेवा दल के नवीनीकरण एवं समाचार पत्रिका के संख्या में बढ़ोतरी हुई। आपने सभी प्रकार के सेवा कार्यों को गति प्रदान की तथा नियमावली के नियमों में आंशिक संशोधन किया। अपने निजी अनुभव वह मधुर व्यवहार के आधार पर केंद्रीय स्तर पर व्यक्तिगत संपर्क स्थापित कर प्रचार और प्रसार को बढ़ाया। अनुशासन का संदेश देते हुए आपने श्री गुरु महाराज जी के प्रति पूर्ण समर्पण हेतु सभी को सदैव प्रेरित किया और फलस्वरूप आपके कार्यकाल में मानव सेवा दल ने अनुशासन में रहकर संगठन को मजबूत किया। अपने कार्यकाल के दौरान आपने मानव सेवा दल के सलामी दस्ते को तैयार किया । सलामी दस्ते की वेशभूषा मे बदलाव और सलामी दल के सदस्यों आवश्यक प्रशिक्षण भी मुहैया करवाया ।
श्री दीनदयाल गोयल
कार्यकाल 11.11.2010 से 31.12.2012 तकश्री गोयल जी ने पूर्व कार्य प्रणाली के आधार पर कार्य को गति प्रदान की और मानव सेवा दल में परस्पर सौहार्द की भावना को बढ़ाया । अपने कार्यकाल के दौरान मानव सेवा दल के पहचान पत्र में संशोधन करते हुए सभी सदस्यों को पहचान पत्र पहनने की प्रेरणा दी । श्री गोयल जी ने संस्था के हित में समय-समय पर कठिन से कठिन निर्णय लिए और मानव सेवा दल को निरंतर प्रगतिशील रखा। वे जमीनी स्तर पर सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों से सीधे संपर्क बनाते थे और उनका मार्गदर्शन करते, फलस्वरूप संस्था द्वारा बड़े से बड़े आयोजनों मे मानव सेवा दल के सदस्य अधिक से अधिक संख्या में आने के लिए प्रेरित होते थे।
स्वर्गीय श्री जानकी दास कपूर
प्रथम निदेशक, मानव सेवा दल- कार्यकाल 01.01.1986 10.11.2010श्री जानकी दास कपूर कार्यकाल(1.1. 1986 से 10 .11. 2010) स्वर्गीय श्री जानकी दास कपूर साहब जी का कार्यकाल बहुत ही सराहनीय रहा । मानव सेवा दल का उत्तर प्रदेश रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा 1986 में मानव सेवा दल को पंजीकृत कराया और 1988 में अखिल भारतीय स्तर पर पंजीकृत कराया । मानव सेवा दल के संगठन को संगठनात्मक रूप देने हेतु मानव सेवा दल नियमावली तैयार कर 1989 में प्रथम प्रकाशन कराया । इसके साथ-साथ मानव सेवा दल की गतिविधियों एवं सूचनाओं को प्रत्येक सदस्य तक पहुंचाने हेतु मानव सेवा दल समाचार पत्रिका का प्रकाशन कराया । संगठन को मजबूत करने हेतु जिला स्तर पर गठन किया और संयोजक का पद भी सृजित किया ।
प्रोग्राम के दौरान सेक्टर बनाकर निरीक्षण करना तथा स्वयं सभी क्षेत्रों में जाकर निरीक्षण करते हुए क्षेत्राधिकारियों एवं सदस्यों का मनोबल एवं उत्साहवर्धन करना उनका प्रथम कार्य था । खंड से जिला स्तर तक प्रशिक्षण शिविर लगाकर मानव सेवा दल के महत्व एवं सेवा कार्यों को संगठित करने हेतु जोर दिया गया । वार्षिक आमसभा में श्री गुरु महाराज जी की उपस्थिति में सभी को स्वयं शपथ ग्रहण कर।ते थे जिससे सभी को अपने नियमों एवं कर्तव्यों की याद बनी रहती थी । मानव सेवा दल के साथ-साथ मानव उत्थान सेवा समिति के कार्यकर्ताओं को प्रचार प्रसार एवं संगठन हेतु प्रेरित करते हुए भावी योजनाओं का प्लान करते थे और सभी के साथ सौहार्द एवं नम्र भाव से वार्तालाप कर गुरु महाराज जी एवं संस्था के प्रति समर्पित रहने हेतु समय-समय पर प्रेरणा देते रहते थे । उन्होंने स्वयं भी जीवन पर्यंत गुरुद्वारा के प्रति पूर्ण समर्पण एवं निष्ठा भाव के साथ सभी को परस्पर सौहार्द एवं प्रेमभाव से प्रचार प्रसार में पूर्ण सहयोग दिया और सभी को जोड़ने की प्रेरणा देते रहे।